केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश वित्तीय वर्ष 2०15-16 के आम बजट से देश
की आम जनता को निराशा ही हाथ लगी है। बजट में एक तो इनकम टैक्स छूट में कोई बदलाव
नहीं किया गया है, जिससे आम जनता को कोई राहत नहीं मिली है। वहीं कॉरपोरेट को लुभाने
के लिए पहल जरूर की गई है। निस्संदेह इस बजट में न तो किसानों के लिए कुछ विशेष है, न तो बेरोज़गारी को
कम करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है। सर्विस कर, कस्टम कर बढ़ाने से
महंगाई बढ़ेगी जो कतई उचित नहीं है। ये बजट गरीब और आम आदमी की आकांक्षाओं के
अनुरूप नहीं है। बजट देश की आम जनता के हिसाब से सोचकर पेश नहीं किया गया है।
ज्यादा निवेश करने पर कर में छूट मिलेगी, इससे तो यही लगता है कि ये बजट
कॉर्पोरेट के हित के लिए है। इसके अलावा मोबाइल, इंटरनेट, कूरियर जैसी कई
जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी भी हो सकती है।
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