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Saturday, 28 February 2015

इस बजट से बढ़ेगी महंगाई

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश वित्तीय वर्ष 2०15-16 के आम बजट से देश की आम जनता को निराशा ही हाथ लगी है। बजट में एक तो इनकम टैक्स छूट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम जनता को कोई राहत नहीं मिली है। वहीं कॉरपोरेट को लुभाने के लिए पहल जरूर की गई है। निस्संदेह इस बजट में न तो किसानों के लिए कुछ विशेष है, न तो बेरोज़गारी को कम करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है। सर्विस कर, कस्टम कर बढ़ाने से महंगाई बढ़ेगी जो कतई उचित नहीं है। ये बजट गरीब और आम आदमी की आकांक्षाओं के अनुरूप नहीं है। बजट देश की आम जनता के हिसाब से सोचकर पेश नहीं किया गया है। ज्यादा निवेश करने पर कर में छूट मिलेगी, इससे तो यही लगता है कि ये बजट कॉर्पोरेट के हित के लिए है। इसके अलावा मोबाइल, इंटरनेट, कूरियर जैसी कई जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी भी हो सकती है। 

Wednesday, 25 February 2015

25/02/2015 : Shri Sharad Yadav historical speech in Rajya Sabha

भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर श्री शरद यादव ने कहा, 'किसानों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं, केंद्र ने शेर के मुंह में हाथ डाल दिया है’

25/02/2015 : Shri Sharad Yadav asks Home Minister on Tribal issues

श्री शरद यादव राज्य सभा में ट्राइबल की समस्या को लेकर गृह मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए

Wednesday, 4 February 2015

गरीबों व आम जनता के साथ अन्याय कर रही ये सरकार

‘इंडियन एक्सप्रेस’ न्यूज़पेपर में मनरेगा पर छपी एक रिपोर्ट से काफी दुख हुआ। केंद्र सरकार की ओर से इस योजना के प्रति राजनीतिक जोड़-तोड़ दिखाकर अनदेखी करना, गरीबों के साथ घोर अन्याय है। राजनीति करना, शासन चलाना तो अच्छी बात है, लेकिन ये सारी चीजें तब और अच्छी लगती हैं, जब हम गरीब, आम जनता और देश का भला सोचकर करते हैं। ऐसी राजनीति को विनाशक ही माना जाए, जिसमें गरीबों के साथ छल हो, धोखा हो। पूर्ववर्ती सरकार में ‘100 दिन रोज़गार’ के मद्देनज़र जो योजना चल रही थी, मौजूदा केंद्र सरकार ने उसे केवल तीन फीसदी लोगों को लाभ देकर ही समेट दिया है। यह गरीब और बेरोज़गार के साथ धोखा नहीं तो और क्या है? आप चुनाव में बड़े-बड़े वादे करते हैं और धरातल पर देश की जनता को इस तरह की पीड़ा देते हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं। आप भी पढ़िए इस पूरी रिपोर्ट को...

सिटी टाइम्स दैनिक समाचार पत्र में कवरेज...



राजनेताओं को सोच-समझकर बयानबाजी करनी चाहिए