केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश वित्तीय वर्ष 2०15-16 के आम बजट से देश
की आम जनता को निराशा ही हाथ लगी है। बजट में एक तो इनकम टैक्स छूट में कोई बदलाव
नहीं किया गया है, जिससे आम जनता को कोई राहत नहीं मिली है। वहीं कॉरपोरेट को लुभाने
के लिए पहल जरूर की गई है। निस्संदेह इस बजट में न तो किसानों के लिए कुछ विशेष है, न तो बेरोज़गारी को
कम करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है। सर्विस कर, कस्टम कर बढ़ाने से
महंगाई बढ़ेगी जो कतई उचित नहीं है। ये बजट गरीब और आम आदमी की आकांक्षाओं के
अनुरूप नहीं है। बजट देश की आम जनता के हिसाब से सोचकर पेश नहीं किया गया है।
ज्यादा निवेश करने पर कर में छूट मिलेगी, इससे तो यही लगता है कि ये बजट
कॉर्पोरेट के हित के लिए है। इसके अलावा मोबाइल, इंटरनेट, कूरियर जैसी कई
जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी भी हो सकती है।
Saturday, 28 February 2015
Friday, 27 February 2015
Thursday, 26 February 2015
रेल बजट में माल भाड़े में बढ़ोतरी से बढ़ेगी महंगाई
रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्बारा पेश रेल बजट में माल भाड़े में जिस तरह 1० फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, उससे महंगाई बढ़ सकती है। कोयला, सीमेंट, आयरन और स्टील के माल भाड़े में बढ़ोतरी से इनके दाम बढ़ सकते हैं। वहीं, एलपीजी के माल भाड़े में ०.8 फीसदी की, कोयले के मालभाड़े में 6.3 फीसदी, केरोसीन के मालभाड़े में ०.8 फीसदी, स्क्रैप और पिग ऑयरन के मालभाड़े में 3.1 फीसदी, यूरिया के मालभाड़े में 1० फीसदी, सीमेंट के मालभाड़े में 2.7 फीसदी, स्लैग के मालभाड़े में 2.7 फीसदी, अनाज और दालों के मालभाड़े में 1० फीसदी की और ऑयरन-स्टील के मालभाड़े में ०.8 फीसदी की बढ़ोतरी की गई हैं। इन उत्पादों के मालभाड़े में अभी इस तरह बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए थी, क्योंकि जनता पहले से ही महंगाई से त्रस्त रही है।
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