Saturday, 29 November 2014

नीतीश की संपर्क यात्रा को लेकर शरद यादव की सलाह

पूर्व सीएम नीतीश कुमार की संपर्क यात्रा को लेकर जदयू के राष्ट्री अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भले ही नाव डूब गयी, पर उसे चलानेवाले नहीं डूबे हैं। कहा कि हम फिर उभर कर सामने आयेंगे। शरद यादव से सीएम जीतन राम मांझी मिले। कई मंत्रियों से मिल कर सरकार का फीडबैक भी लिया। श्री यादव ने पार्टी के लोगों को उत्साहित करते हुए कहा कि हम विषम परिस्थितियों में फिर से उभर कर आयेंगे। लोकसभा चुनाव में नाव डूबी है, चलानेवाले नहीं डूबे हैं। इसके पहले भी हमलोग विषम परिस्थितियों से लड़ कर बाहर निकले हैं। जाहिर है, शरद यादव जी का राजनीतिक करियर काफी अनुभवों से भरा रहा है। उन्होंने ढेरों सरकारों को बनते और बिगड़ते देखा। आज के राजनीतिक परिदृश्य से दुखी श्री यादव कहते हैं कि नेताओं पर से जनता का विश्वास उठते जा रहा है क्योंकि यहां बातें ज्यादा और धरातल स्तर पर काम कम हो रही है। 

जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने दी मांझी को सलाह


जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव देश की राजनीति के ऐसे स्तंभ हैं जिन्होंने ढेरों उताव-चढ़ाव देखे हैं। किसी दल को संगठित करना और उसकी एकरूपता को बनाना कोई उनसे सीखे। हाल में ऊंची जातियों के लोगों के विदेशी होने संबंधी बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बयान को लेकर सत्तारुढ़ जनतादल यूनाइटेड (जदयू) में विरोध के स्वर आज तेज हो गये तथा एक और विधायक ने उन्हें मुख्यमंत्री के पद से हटाने की मांग की।
मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिह द्बारा मांझी को हटाने की मांग किये जाने के एक दिन बाद आज भोजपुर जिले के तराई से अन्य पार्टी विधायक सुनील पांडे ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी का कड़ा विरोध किया और तत्काल उन्हें मुख्यमंत्री के पद से हटाने की मांग की।
लेकिन जदयू के राष्ट्रीय नेतृत्व ने सीएम श्री मांझी के बयान को लेकर नाखुशी जताई और सलाह स्वरूप संवाद दिया कि मांझी को बिहार के विकास संबंधी नीतीश कुमार के रोडमैप को आगे ले जाने के लिए चुना गया था। इसलिए बेहतर हो कि वह बयानबाजी में पड़ने के बजाय बिहार में विकास को तवज्जो दें और एक मिसाल कायम करें। 

नरेंद्र मोदी सरकार 'देसी' सपने विदेशी मार्ग से बेच रही है : शरद यादव

जेडीयू के अध्यक्ष शरद यादव ने भाजपा नीत एनडीए सरकार की मुख्य क्षेत्रों में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए आलोचना की और कहा कि इस सरकार और कांग्रेस नीत पिछली यूपीए सरकार में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह रक्षा, रेलवे और बीमा जैसे क्षेत्रों में एफडीआई के माध्यम से लोगों को सपने बेच रही है और इस एजेंडे को यूपीए सरकार ने भी असफल रूप से पेश किया था।

शरद यादव ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, एनडीए सरकार रक्षा, रेलवे और बीमा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के माध्यम से एफडीआई बेच रही है, जिसे कांग्रेस नीत यूपीए सरकार नहीं कर पाई। बता दें कि आज देश में जिस निराशा का माहौल है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नरेंद्र मोदी ने किस हवा-हवाई में वादों का पुल बना दिया और जब वे पूरे नहीं हो रहे हैं तो उसके लिए आश्वासन और बहाने तलाश रहे हैं। 

2०19 में किस आधार पर मांगेंगे वोट

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का मानना है कि कोई भी सरकार बनती है जनता के विश्वास के बाद। लेकिन अक्सर ये देखा जाता है कि सरकार बनने के बाद जनता से किए वादों को अक्सर भुला दिया जाता है। श्री यादव कहते हैं कि मोदी सरकार ने जो झूठे वादे कर देश का भरोसा तोड़ा है, इसका जवाब उन्हें 2०19 के चुनाव में देना है।
महामोर्चा का रूप इसलिए तय किया जा रहा है ताकि देश की जनता के पक्ष में न्यायस्वरूप सड़क पर उतरा जा सके। इसके लिए दूसरी पार्टियों से भी बात होगी। श्री यादव बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी पर जनता का अटूट विश्वास सामने आया था।
जनमत भी उन्हें बहुत शानदार मिले। लेकिन अब उनकी जनता की समस्याओं के प्रति लापरवाही ने गैर-बीजेपी दलों का गठबंधन बनाने को मजबूर कर दिया है। देश की जनता इन मुद्दों को लेकर हमारे साथ आएं।  

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव की पहल

देश को विकास के रास्ते लाने के लिए और केंद्र सरकार की केवल बयानबाजी के दुखद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देश को एक नई 
दिशा देने की ठानी है। इसके लिए उन्होंने सभी दलों से एकजुट होने की अपील की है। 

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव होंगे सम्मानित

पटना। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद शरद यादव को 2014 का बेस्ट पार्लियामेंट्री अवार्ड मिलने के बाद अब जदयू उन्हें सम्मानित करेगा। दिसंबर में पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल में सम्मान समारोह होगा। जानकारी जदयू के वरिष्ठ नेता व शिक्षा मंत्री वृशिण पटेल ने दी।


विभागीय कार्यालय में उन्होंने बताया कि शरद यादव को सम्मानित करने के लिए जदयू के प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत हो चुकी है और उन्होंने भी सहमति दी है। समारोह नीतीश कुमार की संपर्क यात्रा के बाद रखा जायेगा. बिहार में महागंठबंधन का स्वरूप आया है। 

समारोह में जदयू के साथ राजद व कांग्रेस नेताओं के आने से महागंठबंधन को और गति मिलेगी। समारोह में शामिल होने के लिए महागंठबंधन के नेताओं को भी बुलाया जायेगा। इसमें राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत प्रदेश के राजद-कांग्रेस नेताओं को जदयू की ओर से निमंत्रण भेजा जायेगा।

यूपीएससी छात्रों के हितों को लेकर श्री शरद यादव का संबोधन