जनता दल (यूनाईटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शरद यादव ने राजनीति की उस उठापटक को देखी हैं, जहां से आज
के नेता केवल वोटबैंक के लिए सपने दिखाने वाली बयानबाजी करते हैं तो सब आइने की तरह स्पष्ट दिखाई देता
है। श्री यादव की छवि ऐसे बेबाक नेताओं में शुमार होती है जो हर गलत पर आवाज़ उठाने में नहीं चूकते, वो चाहे
अपनी ही पार्टी का मामला क्यों न हो। श्री यादव हमेशा से एकजुटता में विश्वास करते हैं। उनकी मानें तो जब तक
देश की जनता गलत पर एक साथ नहीं होगी, तब तक इस देश का कल्याणा संभव नहीं है। हाल में मेरठ में
किसानों की रैली भी इसका जीता-जागता परिणाम है। उन्होंने देश के अलग-अलग राजनीतिक दलों से आह्वान
किया कि देश की भलाई के लिए सब एक मंच पर आ जाएं। सचमुच, आज के राजनीतिक हालात में इस तरह का
सोच रखने वाला नेता बमुश्किल ही है। खैर, श्री शरद यादव लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी शामिल हुए
और मेरठ में दिग्गज नेताओं को भी एकजुट करने में काफी सफल रहे। आइए, अब हम आप उनकी एकजुटता में
अपना हाथ बढ़ाएं। सत्य पथ पर चलते हुए वैचारिक क्रांति लाएं। ऐसे नेता का साथ दें जो देश को एक नई राह
प्रदान करना चाहते हैं। संकल्प लीजिए कि साथ चलेंगे। जय हिन्द।
के नेता केवल वोटबैंक के लिए सपने दिखाने वाली बयानबाजी करते हैं तो सब आइने की तरह स्पष्ट दिखाई देता
है। श्री यादव की छवि ऐसे बेबाक नेताओं में शुमार होती है जो हर गलत पर आवाज़ उठाने में नहीं चूकते, वो चाहे
अपनी ही पार्टी का मामला क्यों न हो। श्री यादव हमेशा से एकजुटता में विश्वास करते हैं। उनकी मानें तो जब तक
देश की जनता गलत पर एक साथ नहीं होगी, तब तक इस देश का कल्याणा संभव नहीं है। हाल में मेरठ में
किसानों की रैली भी इसका जीता-जागता परिणाम है। उन्होंने देश के अलग-अलग राजनीतिक दलों से आह्वान
किया कि देश की भलाई के लिए सब एक मंच पर आ जाएं। सचमुच, आज के राजनीतिक हालात में इस तरह का
सोच रखने वाला नेता बमुश्किल ही है। खैर, श्री शरद यादव लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी शामिल हुए
और मेरठ में दिग्गज नेताओं को भी एकजुट करने में काफी सफल रहे। आइए, अब हम आप उनकी एकजुटता में
अपना हाथ बढ़ाएं। सत्य पथ पर चलते हुए वैचारिक क्रांति लाएं। ऐसे नेता का साथ दें जो देश को एक नई राह
प्रदान करना चाहते हैं। संकल्प लीजिए कि साथ चलेंगे। जय हिन्द।
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