Tuesday, 27 January 2015

गणतंत्र दिवस के फॉर्मेट को बदलना चाहिए : शरद यादव

मैंने मीडिया में पढ़ा और देखा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर किस तरह से कई राज्यों की झांकी आदि दिखाने में पक्षपात हुआ। मेरा मानना है कि गणतंत्र दिवस के फॉर्मेट को बदलना चाहिए जो कि सालो साल से वही चलता आ रहा है। हम अपने संविधान के प्रति किस तरह से युवाओं की रूचि इसमें ला सकते हैं और कैसे उसमे कुछ मनोरंजन का रूप देकर दिखाया जा सकता है उसपर सोचना चाहिए।
हमें बाबा अम्बेडकर को याद करते हुए उनकी जीवनी पर कुछ रोमांचक तथ्य देकर जनता को दिखाना चाहिए। मेरा मानना है कि गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर इतना खर्च होता है उसे बचाया जा सकता है। हमें ऐसे कदम उठाने चाहिए कि इस समारोह पर कम खर्च करके देश के संविधान के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। 

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