Monday, 5 January 2015

फर्जी वोटरों की जांच होने के बाद ही हो चुनाव

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले फर्जी वोटरों का मामला कई न्यूज़ चैनल्स दिखा रहे हैं, यह काफी दुखद और आपत्तिजनक है। न्यूज चैनलों के खुलासों में बताया गया है कि वोटरों के पते और नाम तो अलग हैं, लेकिन चेहरा एक है। असल में कुछ राजनीतिक दल वोट बटोरने के लिए वोटर लिस्ट में धांधली करने की योजना बना रहे हैं।

पैसों की आड़ में इस तरह का फर्जी खेल लोकतंत्र के लिए विष के बराबर है, जहां घूसखोरी से लेकर तमाम गोरखधंधों को अंजाम दिया जाता है। चुनाव आयोग समेत सरकार से गुजारिश है कि ऐसे मामलों की निष्पक्षता से जांच हो और जांच पूरी होने के बाद ही दिल्ली में चुनाव हो। यह भारतीय राजनीति और प्रजातंत्र के साथ घिनौना मजाक है। ऐसे कृत्यों में शामिल अधिकारियों को भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, क्योंकि ऐसे में तो जनता का लोकतंत्र से भरोसा ही उठ जाएगा। 

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