Saturday, 17 January 2015

पेट्रोल की कीमत पर जनता के साथ धोखा बर्दाश्त नहीं

अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में जिस तरह कच्चा तेल प्रति बैरल कम होता जा रहा है, उस हिसाब से सरकार ने पेट्रोल की कीमत को कम नहीं किया है. केंद्र सरकार को अभी जनता को राहत देनी थी, जो मुमकिन था, लेकिन सरकार ने उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी कर जनता को इस लाभ से महरूम कर दिया. अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो पेट्रोल की कीमत साढ़े चार रुपये तक और डीजल की कीमत सवा चार रुपये तक सस्ती होती. ऐसा पहली बार नहीं है जब सरकार ने उत्पाद शुल्क बढ़ाया हो. केवल इस एनडीए सरकार के इस बार सत्ता में आने के बाद से, नवम्बर 2014 से अब तक के दौरान चार बार उत्पाद शुल्क बढ़ाया जा चुका है.

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